Categories
bhakti Uncategorized

River of India with holy hindu culture

आजकल अपनी पुरानी परंपराओं को शहरी पढ़ा-लिखा युवा वर्ग प्राय अंधविश्वास मान लेता हैऐसे लोगों की भी कमी नहीं है जो हमारे रीति-रिवाजों का उपहास करके अपने आप को आधुनिक करार देते हैं लेकिन बिना सोचे समझे किसी रीति रिवाज को गलत बताना किसी रीति रिवाज को ढकोसला कहकर उसका उपहास करना बहुत बड़ी मूर्खता है

इससे व्यक्ति भी वयस्क का दिवालियापन ही प्रकट होता है हां कोई रीति रिवाज कैसे होती है उसका महत्व क्या है जैसे प्रश्न पूछ कर अपनी जिज्ञासा शांत करना सर्वथा उचित है लेकिन इस संबंध में खासी दिक्कतें हैं आमतौर पर लोगों को इस बात की खुद ही जानकारी नहीं होती वह इस परंपरा से क्या लाभ पाते हैं या अमुक रीति रिवाज का क्या महत्व है क्योंकि पूर्वज भी इन सब रीति-रिवाजों का पालन करते थे इसलिए मैं भी इसका पालन कर रहे हैं इस प्रकार जिज्ञासु को संतुष्टि पूर्ण उत्तर नहीं मिल पाता तब वे उनकी उपादेयता पर शंका करने लगता है

हमारा प्रयास है कि हमारे आचार नामक स्तंभ में भारत के विभिन्न रीति-रिवाजों के साथ यहां की विभिन्न परंपराओं विशेषताओं का वैज्ञानिक प्रज्ञा निक पक्ष प्रस्तुत करें ताकि आज की युवा पीढ़ी इस बात का अनुभव कर सके कि पूर्वक ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में कितनी ऊंचाई तक पहुंच गए थे प्राचीन भारत को विश्व गुरु आखिर किन कारणों से कहा जाता था इस अंक में मैं आपको बताऊंगा और आपको कुछ विशेष जानकारी मिलेगी इस बार मैं आपको भारत में पूजनीय नदियों के महत्व का वैज्ञानिक प्रस्तुत कारण करूंगा

मां की संज्ञा देकर हमने नदियों को पूजनीय माना है आखिर भारत की नदियों में इतनी खास बात क्या है जो उन्हें इतनी गरिमा प्रदान की जाती है

सर्वप्रथम हम अगर गंगा नदी की बात करें तो वैज्ञानिक अनुसंधान उसे यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि गंगा गंगा की धारा जहां तक पहाड़ों से गिरती है वह जल स्वास्थ्य के लिए अमृत समान हैं उस जल में लंबी अवधि तक कीटाणु नहीं पड़ते हैं पहाड़ों की ऊंचाइयों से गिरने तथा अघोरी तांत्रिक शक्तियों का नाम के विखंडन होने से उस आवेशित जल के प्रयोग से शरीर में नई ताजगी तथा स्पूर्ति भर जाती है और यह भी अनुभव किया गया है गंगा के सतत प्रवाह के दर्शन तथा स्पर्श मात्र से मानसिक तनाव मिट जाता है सारे दुख दर्द क्षणों में मनुष्य से दूर भाग जाते हैं और यह भी माना जाता है गंगा का पवित्र जल मुक्ति प्रदाता है मृत्यु शैया पर पड़े मनुष्य को तुलसी पत्र के साथ गंगाजल देने का विधान है इसका कारण यह है कि उस व्यक्ति को ऑक्सीजन की मात्रा इसके माध्यम से सहज प्राप्त हो जाए और उसमें प्राण चेतना पुण्य लौट आए गंगा के आगे से जल को मंत्र और विधि से मरणासन्न व्यक्ति को दिया जाता है यदि व्यक्ति गंगा जल लेने के बाद भी मृत्यु को प्राप्त होता है तो वह इस आवेशित जल के 5 से उसका प्रेत खंड पूर्वजों के प्रेत पिंड की और अपने आप मिल जाता है और प्राणी को मुक्ति प्राप्त हो जाती है गंगा के जल के औषधीय गुण भी हैं यह अनेक रोगों तथा हैजा आदि को नष्ट करने में सक्षम रहता है यह सॉरी विशेषताएं हमारी पतित पावन गंगा मां के अमृत में ही जल में हैं यह बड़े दुख की बात है आज हम अपने स्वार्थ बस प्रभु के द्वारा आशीर्वाद रूप में प्रदान की गई इन महान नदियों का जल प्रदूषित करते जा रहे हैं।

हमारे शास्त्रों के अनुसार यमुना सूर्य की पुत्री है माना गया है यमुना की जलधारा का आरंभ उसने शक्ति का केंद्र है यमुना की भी स्मारक शक्ति अद्भुत है यमुना जल में तांबा और खनिज लवणों का बाहुल्य है। इसकी वजह से इस के जल में स्नान करने से अत्यंत शांति का अनुभव होता है वही इस में घुले विभिन्न स्वास्थ्य रक्षक तत्व रोग निवारण में सहायक होते हैं मान्यता है कि यमुना में स्नान करने वालों को यमदूत पकड़ते नहीं हैं लेकिन आजकल हर तरफ यमुना में खनन करने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है जो रेत का खनन करते हैं

  • नर्मदा इस पवित्र नदी को दूसरी गंगा माना गया है एक और जहां इस के जल में खनिज तत्व खुले हुए हैं वहीं इसके किनारे पर बहुमूल्य जड़ी बूटियां फलती फूलती रहती हैं इन दोनों का समन्वय नर्मदा के किनारे साधना के लिए साधु-संतों को प्रेरित करता है इसका जलपान करने के कोई भी रोगों से दूर रह सकता है साधु संत इसलिए स्वस्थ रहते हुए भी दीर्घायु भागते हुए नर्मदा तट पर साधना में तल्लीन रहते आए हैं

फिर आती है बात ब्रह्मपुत्र नदी की इस पवित्र नदी की धारा ही ऐसी पट्टी से गुजरती है जिस की तली में पारा उपस्थित है आयुर्वेद के अनुसार पारा कायाकल्प की महत्वपूर्ण और दी है अतः इसमें स्नान करके इसके जल का पान करने से शरीर में नव स्फूर्ति का आना स्वभाविक है

Categories
देसी दवाई medicines Uncategorized

आंवले का मुरब्बा में सफेद हो गया है क्या कारण है?

आंवला हमारी सेहत के लिए एक फायदे वाली चीज है इससे शरीर स्वस्थ रहता है आंखो की रोशनी भी ठीक रहती है पेट साफ रहता है शरीर का कचरा बाहर निकलता है जहा आंवले के उपर सफेद सा लग जाता है उसका मतलब वो नहीं होता के आंवला खराब हो गया है बल्कि आंवला का रस है जो चिन्नी का या पाथ का जिसमे आंवला को डाला गया है

उसका रस आवरण का घोल आंवले के उपर पूरी तरह से चढ़ जाता है जिसको सब बिना बात फुई बोलने लग जाते है ऐसा कुछ नहीं है वो फुई नहीं लगती है बल्कि आंवले के घोल का रस आंवले के चारो तरफ चढ़ जाता है उससे कोई दिक्कत नहीं है आंवले मुंह में रखे और खाए आंवला आपको ऐसा ही मीठा लगेगा कोई दिक्कत नहीं होगी क्युकी आंवला सालो तक खराब नहीं होता है फिर भी अगर आपको दिक्कत है तो आंवले को धूप में रख दे और चिंता ना करे एक या दो दिन धूप लगेगी तो ठीक हो जाएगा

आंवले का मुरब्बा चेहरा का रंग भी साफ करता है साफ और पेट भी सही रखता है अगर कोई दिक्कत हो तो मुरब्बे के डब्बे को खोल कर धूप लगा ले क्युकी सर्दियों और बरसात में सीलन सी रहती है वातावरण में उसी कारण मुरब्बे को को दिक्कत सी आती है सही में वो एक खाली महक सी होती है तो डब्बे को धूप में रख ले निकाल कर

1.सीलन से बचाए

2.ताजा हवा वाले एरिया में मुररबे का डब्बा रखे

3. धूप लगाए आगे सरदिया या फिर बरसात का समय हो तो

4. बे झिजक इस्तेमाल करे क्युकी वो सफेदी सी उसका मीठा घोल होता है

इन सब उपयोगी से आप अपने मुरब्बे की देखभाल उचित तरीके से करते है और जिस भी डिब्बे या बरतन में आप मुरब्बा जमा करते है उसको अच्छी तरह से पहले से ही साफ करले उसमे किसी और चीज का आवरण ना लगा हो या नया डब्बा मुरब्बा रखने के लिए ले ।

Categories
benefits currency taxnewsindia wroldtechnews

Indoleads premium affiliate network kya hai

Indoleads प्रीमियम एफिलेटेड नेटवर्क एक वेबसाइट है जिसकी मदद से हम लाखो रुपए तक कमा सकते है दोस्तो ध्यान से पढ़िए फिर आज मै आपको ऐसी मार्केटिंग टूल की वेबसाइट के बारे में बताने जा रहा हूं जिससे आप कमा सकते है वो भी बहुत ज्यादा लेकिन उससे पहले आपको indoleads में अकाउंट बनाना पड़ेगा तो सबसे पहले आपको क्या करना है अपने ब्राउज़र पर जाइए और indoleads टाइप कीजिए वहां पर जाकर

अकाउंट बनाए

फिर इसके आगे आपको अपना अकाउंट क्रिएट करना है उसके लिए

जानकारी भरे

फिर आपको अपना नाम और जीमेल आईडी पासवर्ड और कंट्री भी भरनी है फिर जहां टाइप ऑफ नेटवर्क लिखा है वहा सभी ऑप्शन पर क्लिक करे और प्रोमो और इन्विटेशन को खाली छोड़ दे फिर आप साइन इन कर जायेंगे ।

https://app.indoleads.com/register/publisher/t36vXXCugCetbv34

आप अपना एकाउंट मेरे रेफरल लिंक से भी कर सकते है जो उपर दिया गया हुआ है

फिर आप लॉगिन कर जायेंगे और आपको अपने फेसबुक पेज या ब्लॉग या यूट्यूब चैनल के लिए एक लिंक create लिंक करना पड़ता है इसके बाद आप इसके बाद आपको मैं बताऊंगा कैसे लिंक रेट करें

ऑल ऑफर पर क्लिक करें

ऑल ऑफर पर क्लिक करने के बाद आपके सामने बहुत सारे ऐड ओपन हो जाएंगे जिस ऐड़ को भी आप लगाना चाहते हैं वह सेट पर क्लिक करें

लेकिन ध्यान रहे एड पर उस पर ही क्लिक करे जो पहले से approve हो

डीएक्सएन पर क्लिक किया नंबर 2 पर

फिर डीएक्स ओपन हो जाएगा और और अपने ट्रैफिक को allover world सेलेक्ट करें

फिर नीचे जो payout के बाद tracking link लिखा गया है उस पर क्लिक करे

फिर आपको जहां सोर्स लिखा हुआ है वहा जाए

इसके बाद use SSL और deep link पर क्लिक करें फिर जिस साइट का एड था उस साइट को गूगल के नए टैब को ओपन करे उसका नाम लिखे फिर वहां से कोई भी उस साइट के किसी भी प्रोडक्ट का लिंक कॉपी करके deep link .deep link mein paste Karen fir apka deep link generated link mai khud e copy ho jayega vha sare link ko utha kr copy krk kahi bhi lga skte hai or paise kma skte hai।

Categories
life quota

Life of every human being

किसी ने क्या खूब लिखा है दादा बड़े सच्चे थे सबसे यही कहते थे कुछ जहर भी होता है अंग्रेजी दवाओं में संसार में नित्य नए नए रोगों का जन्म हो रहा है तथा तन व मन रोगों का घर बनते जा रहे है हर कोई रोगी है कम से कम मानसिक हताशा दिमागी तनाव आदि के जाल में तो प्रत्येक व्यक्ति जकड़ा हुआ है ही ।

यह आज का सत्य है कि विश्व का लगभग प्रत्येक व्यक्ति परेशान है और इससे मुक्ति प्राप्त करने की ठिकाने की खोज में है । प्रत्येक व्यक्ति के रास्ते अलग अलग अलग है कोई कुछ चाहता है कोई कुछ चाहता है किसी को कॉल गर्ल या वेश्या में रुचि मिलती है और व्यक्ति अपनी धुन में खुश रहता है फिर आते है दुनिया से अलग इसके विपरीत ईश्वर की राह पर चलने वाले सच्चे राही जिन्हें अपने अपने मन्दिर और मस्जिदों में अल्लाह राम की इबादत करके खुशी मिलती है । तो सबका अपना अपना खुशी का भी नजरिया होता है।

और कोई व्यक्ति दवाओं का सहारा लेता है और बहुत से जीवन तो दवाओं की कृपया से स्थापित है अपितु वास्तव में तो वे जीवित लाशों की भांति होते है ओषधियां आज की आवश्यकता बन गई है बस अंतर यह है कि कौन कौन ओषधि का प्रयोग करता है । आधुनिक ओषधि आज की आवश्यकता बन गई है एक समय अमेरिकी वैज्ञानिकों ने काम शक्ति के लिए वियाग्रा का आविष्कार किया था तो काम के अष्कतो के मज़े आ गए तथा लोग सेक्सुअल ऑर्गेज्म में खो कर यह भी भूल गए कि यह वियाग्रा उन्हें मृत्यु की बाहों मे भी सुला सकता है और इसके विपरित प्रभाव होने लगे तो तब जाकर लोगों को अक्ल आयी और वे सुधरे ।

अब भारत की बात की जाए तो जबानी अपने बीमारू को आराम देना पड़ता है कुछ दवाइयां अंदर मिलती है कुछ नहीं सरकार पहुंचा भी रही होती है पर फिर भी ये को घूसखोरी होती है इसका भी तो क्या करे कुछ दवाओं का नाम लिख कर देते है जो बाहर से मिलती है तो आइए इन दवाओं के चक्कर से बच कर इस वर्तमान युग की देन विभिन्न रोगों से मुक्ति प्राप्त करने के कुछ विश्वविद्यालय गुप्त सिद्ध योगो से परदा उठाते है इन योगों को व्यक्ति बिना झिजक के इस्तेमाल कर सकता है इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं है और वही मिसाल सिद्ध होती है कि हिंग लगा ना फिटकरी और रंग आए बढ़िया आप भी इन सर्वविदित सिद्ध योग से लाभ प्राप्त करे रोगों से मुक्ति पाएं खुद के खुद डॉक्टर बन जाए

आज के युग में हर व्यक्ति किसी ना किसी मानसिक परेशानी से ग्रस्त है ईश्वर ना करे उसमे से आप भी हो अग्र तो प्रसिद्ध दार्शनिक डेल कार्नेगी ने लिखा है मानसिक चिकित्सक आप को यही बताएगा कि व्यस्त रहना ही रोगी स्नायु तथा परेशान मस्तिष्क का अति उत्तम उपचार है उससे उत्कृष्ट औषधि आज तक नहीं बनी है आपको आश्चर्य होगा बिजी रहना जैसी साधारण वस्तु परेशानी दूर करने में कितनी सहायक सिद्ध होगी जो अपने आप में ही गजब है

किसी भी मानव मस्तिष्क के लिए चाहे वह कितना ही शक्तिशाली क्यों ना हो कितना ही तीव्र क्यों ना हो बुद्धिमान क्यों ना हो एक समय में एक से अधिक वस्तुओं तथा बातो के बारे में सोचना असंभव है शायद आपको विश्वास नहीं आया हो तो फिर तो कीजिए जरा पीछे की तरफ झुककर अपने नेत्र बन्द कीजिए और चेष्टा कीजिए आप एक ही समय में आज की कोई बात तथा अगले दिन कार्यक्रम के विषय में सोच सके एक ही वक्त में आप दोनों बाते नहीं सोच सकते है ।यदि आप या मै परेशान हो तो हम कार्य को बतौर औषधि के प्रयोग कर सकते है यह शब्द हावर्ड विश्वविधालय के एक पूर्व प्रोफेसर डॉक्टर रिचर्ड सी कैबुट के है उन्होंने अपनी पुस्तक में लिखा था कि डॉक्टर की हैसियत से मुझे बहुत से लोगो को कार्य में व्यस्त होकर स्वास्थ्य प्राप्त करते देखने की खुशी प्राप्त हुई है । यह लोग जानलेवा रोगों से ग्रस्त थे जो संदेह व्याकुलता झिजक हिकिचाहट भय तथा असंतुष्टि की भावनाओ से ग्रस्त होने से उत्पन होते है हमें कार्य करने से जो हौसला होता है वह आत्म विश्वास की भांति होता है और जिसे इमर्सन ने स्थाई सुनहरा तथ्य समाप्त न होने वाला बना दिया है ।

प्रसिद्ध दार्शनिक दार्शनिक डगलस। लिट्रन ने लिखा है हमें अपनी गलतियों से भयभीत नहीं होना चाहिए उन्हें सदैव याद रखना चाहिए हम जितना सीख सके सीखना चाहिए अगर दुख दे तो भुला देना चाहिए।

हमें आदत डालनी चाहिए कि हम हमेशा अपनी दृष्टि उची और उत्तम वस्तुओं पर रखे हमें अपनी फाश से फाश गलतियों तथा दुखद क्षणों के भीतर भी दृष्ठी सदैव भली और महान वस्तुओं पर रखनी चाहिए।

कोई बात कितनी ही अजीब या दुख वाली हो अपनी सोच हमेशा अडिग दृष्टिकोण ठीक रहना चाहिए और विश्वास रखे उचित लाभ होगा। अपनी गलती से एक पाठ प्राप्त कीजिए विश्व के बुद्धिमान लोग यही करते है।

Categories
medicines

गर्भवती महिलाओं के लिए पर दादी के नुस्खे

तुलसी के बीज में जो लेपक गुण होता है और वह पुरुषों की जननेन्द्रिय संबंधी रोगों में भी विशेष लाभदायक सिद्ध होता है कुछ लोगो का तो ऐसा विश्वास है तुलसी स्त्री वाचक पोधा है और कथाओं में उसे विष्णु प्रिय भी कहा जाता है इससे वह स्त्री रोगों को दूर करने और उनके स्वास्थ्य वर्धन में बहुत उपयोगी है।

1.स्त्रियों के मासिक धर्म रुकने पर तुलसी के बीजों का प्रयोग लाभदायक होता है तुलसी पंचांग ( पत्ते मंजरी बीज लकड़ी और जड़ ) सोंठ नींबू की छाल का गूदा अजवायन और तालिस पत्र इन सबका जोकुट इनमें से एक तोला लेकर पाव भर पानी में काढ़ा बनावे जब चोथाई पानी रह जाए तो छानकर पी ले कुछ समय तक यह प्रयोग करने से मासिक धर्म खुल जाएगा

2. यदि रजो दर्शन मासिक धर्म के होने पर तुलसी के पत्तो का काढ़ा बना तीन दिन तक पी लिया जाए तो गर्भ संभावना कम हो जाती है यह प्रयोग गर्भ निरोध की दृष्टि से विशेष उपयोगी है क्युकी यह प्रजनन अंगों को नुक्सान नहीं पहुंचता है और उनको शुधरहित और दोष रहित करके शक्तिशाली बना देता है

3.तुलसी का विविधपुरवक प्रयोग करने से और श्रद्धापूर्वक पूजन करने से शारीरिक और मानसिक दोष दूर हो कर प्रजनन अंग गर्भ धारण के योग्य हो जाता है उस अवस्था में पत्तो के काढ़े के बजाय बिजो को चूर्ण और शर्बत भी उपयोगी होता है ।

4. गर्भ धारण करने वाली स्त्री की छाती और पेट की खुजली के लिए वन तुलसी के बीजों का लेप करने से आराम होता है ।

5. तुलसी के बीज और आमा हल्दी समान मात्रा में लेकर बारीक पीसकर जननेन्द्रिय पर छिड़कने से योनिभ्रश जननेन्द्रिय का स्थान ठीक हो जाने की स्थिति में लाभप्रद होता है ।

6. ग्रभावस्था में पेट पर जो दरार पड़ती है जिससे कभी कभी खुजली लगने लगती है वहां तुलसी के पत्ते पीसकर पुल्टिस सी बनाकर मलने से ठीक हो जाता है

7.तुलसी के रस में जीरा पीसकर उसे गाय के धारोष्ण दूध के साथ सेवन किया जाए तो प्रदर रोगों में सुधार होकर स्त्री का स्वस्थ्य ठीक हो जाता है।

8.प्रसव के समय त्रीव वेदना होने पर तुलसी का रस एक तोला पिलाने से लाभ होता है गर्भावस्था में शिशु के बाहर निकलने में सरलता आती है तुलसी की जड़ को को स्त्री की कमर में बंधने से प्रसव का दर्द मिटकर संतान सुखपूर्वक होती है।

Categories
country love political worldpolitical controversy

अगर स्वतंत्र भारत के पहले प्रधान मंत्री श्री सुभाष चन्द्र बोस होते तो क्या होता

अगर आपने पुरानी फोटो देखी होगी सुभाष जी की इंटरनेट पर तब आप जान पाएंगे सुभाष जी कितने बड़े नेता थे । कम उम्र में ही आईएएस तक बन गए थे । और देश की सेवा करने के लिए अंग्रेजो की गुलामी तक स्वीकार नहीं की थी उन्होंने वो कांग्रेस के प्रेसिडेंट भी रहे थे। उनको हमेशा जनता का अपार समर्थन मिलता था और 1947 के समय सुभाष बाबू अगर भारत में ही होते तो निश्चित रूप से उनको कोई ना कोई पद जरूर मिलता उनकी देश प्रेम से ओतप्रोत एक से एक कथाएं आज भी विद्यमान है।

आजादी के मतवालों में इसीलिए उनका नाम अग्रणी सम्मान पूर्वक लिया जाता है अगर सुभाष जी होते तो पहले प्रधानमंत्री तो शायद भारत आज इजरायल जैसा टेक्नोलॉजी में भी आगे होता क्यों की सुभाष बाबू एक कुशल प्रशासक थे ।

वो भारत के लोगो की नब्ज को पकड़ना जानते थे ।

उन्होंने तो 5000 तक का नोट भी चला दिया था और बैंक तक बना दिया आजादी से पहले ही भारत के नाम से सुभाष चन्द्र बोस जी ने ही जय हिन्द का नारा दिया था । मै यहां नेहरू जी की बुराई नहीं कर रहा हूं वो भी अपने समय के अच्छे प्रधानमंत्री थे ये लेख बस कल्पना पर आधारित है लेकिन सुभाष चन्द्र बोस जी को भी नेहरू जी जितनी ही ख्याति प्राप्त थी ।

सुभाष चन्द्र बोस जी ने आजाद हिन्द फौज नाम की सेना भी बनाई थी वो ये सोचते थे अंग्रेज अहिंसा से नहीं भागे अगर तो अपना हक लड़ कर भी लिया जा सकता है उनकी इस बात से ही गांधी जी ने उनसे कहा था नहीं सुभाष ऐसा नहीं है तो सुभाष जी ने भी फिर कहा था बापू रास्ते ही तो अलग हो सकते है हमारे लेकिन मंजिल तो एक ही है सुभाष चन्द्र बोस जी ने रूस जर्मनी जाकर भी भारी समर्थन हासिल किया था और उनकी आजाद हिंदू फौज ने कई युद्ध लडे थे इस बार उनकी जन्मशताब्दी पर 23 जनवरी को मोदी सरकार ने पराक्रम दिवस भी मनाया था ।

वो राजनेता के साथ साथ एक दूरगामी सोच भी रखते थे उनका जन्म 23 जनवरी 1869 को बंगाल में हुआ था । अंग्रेज़ शासक उनसे बहुत डरते थे तो अगर वे भारत के प्रथम प्रधामंत्री होते थे तो ये भी हो सकता है आज भारत की नई तस्वीर होती । 1921 से 1941 नेता जी 11 बार जेल में गए थे 1941 में तो उन्हें नजरबंद ही कर दिया था घर में फिर वहां से वे पेशावर होते हुए कबूल से जर्मनी तक पहुंच गए थे वहां जाकर उन्होंने इंडिया रेडियो फ्री सेंटर की स्थापना भी की थी।

Categories
bhakti Uncategorized

रुद्राक्ष के लाभ

हर पदार्थ का एक अपनी ऊर्जा और आवरण होता है चाहे कुछ भी हो अध्यात्म की बात करे तो उसमे पेड़ पौधे मिट्टी सबकी अपनी महत्व है रुद्राक्ष को शिव की आंखो का आशु भी कहा जाता है । 

1.रुद्राक्ष पहनने से पहनने वाले व्यक्ति की आभा साफ होती है मतलब औरा साफ होता है जो प्रकाश शरीर के चारो तरफ विद्यमान होता है जिसको सकारात्मक ऊर्जा भी कहते है जैसा हर शरीर का अपना व्यक्त्तिव होता है ऐसे ही हर शरीर की पॉजिटिव ऊर्जा होती है शरीर के चारो तरफ होती है उसको औरा बोलते है तो रुद्राक्ष शरीर पर नकारात्मक शक्तियों को पड़ने नहीं देता है ना ऊर्जा को ।

2.रुद्राक्ष शरीर को शुद्ध करता है इसे ज्यादा भारतीय साधु पहनते है मन को शांत करता है अगर घूमने फिरने वाला व्यक्ति हो तो थर्मल इमेजिंग कें कारण उसको अलग अलग जगहों पर नींद नहीं आती है। इसका मतलब जो व्यक्ति लगातार यात्रा करता है रुद्राक्ष उस व्यक्ति को कवच प्रदान करता है । उसकी ऊर्जा को चरमराने नहीं देता है। व्यक्ति की ऊर्जा को बना कर रखता है क्युकी गति के साथ आभा टूट जाती है तो शरीर की गति को शांत रखता है शरीर की ऊर्जा को भिखरने नहीं देता है ।

 3.लोग नुकसान पहुंचाने वाली ऊर्जा से दूसरों का नुक़सान करते है अथर्व वेद में इसके बारे में लिखा गया है। जैसे तंत्र में काला जादू उससे रक्षा करता है रुद्राक्ष ।

 4. सेहत खराब करने वाले भोजन और खराब पानी से रक्षा करता है जैसे आप जंगलों में यात्रा करते है तो जंगलों में यात्रा करते है अक्सर तो अपने साथ रुद्राक्ष रखे उससे ये होगा पानी में अपने पास रखे रुद्राक्ष को डुबाए तो रुद्राक्ष उल्टी दिशा में घड़ी के विपरित घूमने लगत है इससे पानी के बारे में पता चल जाता है के वो जहरीला तो नहीं है। 

5.ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है रक्त चाप को कम करता है हिंदुस्तान में आज डॉक्टर सलाह भी देने लगे है। 

6. रुद्राक्ष जीवन में सफल होने की प्रक्रिया को आसान बनाता है ऐसा नहीं है के बिना रुद्राक्ष के आप सफल नहीं हो पाएंगे अगर आपके पास रुद्राक्ष है आप मेहनत करते है तो निश्चित रूप से आपको लाभ होगा आप अगर सत्कर्म से प्रयास करेंगे साथ में रुद्राक्ष होगा तो सफल जरूर होंगे ।

Categories
country love

Great India

1.अनेकों धर्मो के लोग रहते है भारत में जिनमें हिन्दू मुस्लिम सिख पारसी जैन बौद्ध ईसाई प्रमुख है । 2. अनेकों भाषाएं बोली जाती है 22 भाषा है जो रजिस्टर है उनकी बोलियां असंख्य है । 3. सभी के अपने अपने पहनावे है जिसमें भिन्न भिन्न वेशभूषाएं है। 4.सभी का खाने के व्यंजन अपने अपने है ।5. भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। 6. दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्या वाला देश है। 7. आईटी उद्योग अपनी अलग पहचान रखता है विश्व में।8. भारत का पोलियो टीकाकरण विश प्रसिद्ध हुआ था।9:- भारत विश्व में अपनी अलग पहचान रखता है अपनी तीनों सेनाओं में। 10. विश्व में सबसे उपर उचाई पर लड़ाई लड़ने वाली कारगिल में और उसमे विजय प्राप्त करने वाली दुनिया की एक मात्र भारतीय फौज है । 11. भारत की स्पेस एजेंसी इसरो विश्व में सबसे ज्यादा सैटेलाइट लॉन्च करने वाली एक मात्र एजेंसी है । 12.मंगलयान मात्र 450 करोड़ थोड़े से बजट में भेजने वाली विश्व की एक मात्र एजेंसी है । 13. भारत ने जीरो का आविष्कार किया था । 14. भारतीय लोकतंत्र और कानून चुनाव प्रणाली विश्व प्रसिद्ध है । 15.भारत में विश्व में सबसे बड़ा पर्व महाकुंभ होता है जिसमें करोड़ों लोग शामिल होते है । 16. भारत की जीडीपी विश्व में सबसे तेज बढ़ने वाली जीडीपी है । 17. भारत में हर साल अलग अलग भाषाओं में हजारों फिल्में रिलीज होती है । 18. भारत का रेल नेटवर्क विश्व में सबसे बड़ा है । 19. भारत का चुनाव विश्व को एक नई दिशा दिखाता है।20. भारत में बेटियां अग्रणी तरक्की कर रही है । 21. भारत में एक दिन में असंख्य अखबार छपते है। 22. भारत अब मैन्युफैक्चरिंग हब और कई उत्पाद लघु उद्योग लगा और बना  रहा है। 23. भारत के उद्योग पति जिनमें टाटा अंबानी विश्व में अपनी अलग पहचान रखते है । 24. भारत का मेट्रो नेटवर्क विस्तार भी बढ़ रहा है । 25. भारत में बड़े बड़े हाईवे बन चुके है । 26. भारत में चाइना के बाद सबसे ज्यादा मोबाइल यूजर है । 27. सभी भारतीय सोसल मीडिया का उपयोग करते है । 28. गूगल माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनी के सीईओ भारतीय है । 29.भारत के पास ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक मिसाइल है। 30. भारत विकास सील देशों से विकसित देशों की तरफ अग्रणी है। 31. भारत देश में सबसे ज्यादा राजनीतिक पार्टियां है। 32. भारत देश के डॉक्टर अनुभवी और कुशल चिकित्सक है । 33. भारत का विश्व में चीनी उत्पादन में अग्रणी स्थान है।

Categories
worldrichestfamilyperson

Sometime teacher be like God

अध्यापक जो जीवन बनाता है भविष्य निर्माण करता है किसी भी देश राज्य दुनिया कस्बा गाव जिस पर आने वाली पीढ़ियां निर्भर करती है किसी ने सच ही कहा है “अध्यापक/शिक्षक कभी साधारण नहीं होता है उसकी गोद में प्रलय और निर्माण दोनों पलते है ” कितना सटीक कहा गया है । पुराने समय में भारत में मास्टर अगर छात्र की पिटाई भी कर देता था। तो मा बाप खुश होते थे। चलो बच्चा पढ़ेगा खूब आगे बढ़ेगा। लेकिन आज के युग में मा बाप खुद ही बच्चो के दुश्मन बने बैठे है। छात्र अगर ना पढ़े अध्यापक डांटे तो मा बाप विद्यालय में लड़ने चले जाते है ।  एक दुखद बात है। कुछ दोष विद्यालय का भी होता है। एक तरफ सरकार कितना मेहनत कर रही है । 1. फ्री स्कूल किट मिलती है जिसमें बैग कपड़े जूते सब मिलता है और किताबे भी मिलती है। 2. खाना मिलता है जिसे मिड डे मील कहा जाता है । भारत में सभी राज्यो की सरकार शिक्षा पर अच्छा खर्च करती है हर साल लेकिन सरकारी स्कूल में बच्चे कम पढ़ने आते है । 3:- बच्चो को छात्र वृती के रूप में प्रोत्साहन राशि दी जाती है जिससे उनके उचित भविष्य का निर्माण हो। उधर एक तरफ स्कूल में जो प्राइवेट है कपड़े जूते स्कूल किताब सभी खरीदना पड़ता है। जो काफी महंगा पड़ता है समान्य से अंग्रेजी स्कूलों में आज के दौर में महंगा हो चुका है सब।जो मध्यम वर्गीय के हाथो से निकल सा रहा है बजट आज के कोरोना काल में । सरकार को भी इसको सही ढंग से नियम कानून बनाने चाहिए । ताकि शिक्षा सबको मिले जिसका दाम कम हो। इसके अपितु सरकारी स्कूल में भी अध्यापकों को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास करना चाहिए। जो हर बच्चे में आत्म विश्वास जगाए जिससे भारत भविष्य सही निर्माण हो। अध्यापक पर निर्भर करता है । कैसा बच्चो का भविष्य होगा। बच्चो को भी अपने मास्टर की इज्जत करनी चाहिए उचित सम्मान देना चाहिए।                   अध्यापक :- एक शिक्षक अपने आप में महत्व पूर्ण पद है जिसकी गरिमा होती है जो उचित संसाधनों का उपयोग करके किसी भी बालक का भविष्य सवार सकता है ।प्रण ले :-तो आइए सभी प्रण करें आज हम सभी अपने शिक्षकों का सम्मान करेंगे उन्हें आदर देंगे । शिक्षक के कर्तव्य :- 1.सभी बच्चों पर ध्यान दे समान ।2:- सभी छात्रों में शिष्टाचार की भावना उत्पन करे।3:- छात्रों को अच्छे बुरे का ज्ञान कराए। 4:- हर विषय में मदद करे । 5: बच्चो की सभी समस्या का निवारण करे ।6:- बच्चो में जाति पाती भेद से उपर उठने की भावना का निर्माण करे । 7:- बच्चो को समाजिक ज्ञान का स्रोत दे । ऐसी विशेष उपलब्धियां ही शिक्षक की होती है । 

Categories
benefits natur world nature lover

A beautiful life

जीवन एक भागदौड़ भरी यात्रा है। जिसमे आपको देखना पड़ता है कुछ काम करना पड़ता है अपने आप को पहचाना पड़ता है । काम अगर रुचि का हो तो मन मारकर नहीं करना पड़ता है । मन लगता है तो जोश से भरपूर तरक्की होती है । सर्वप्रथम खुद को पहचाने जाने खुद को तरासे तब ही आप अपनी योग्यता को पहचान पाएंगे । वास्तव में सबसे बड़ी चीज ये है के आप खुद को कैसे देखते है । क्या चाहते है खुद से। तब ही आप एक निष्कर्ष पर पहुंच पाएंगे । हर व्यक्ति में कुछ ना कुछ योग्यता होती है । कुछ लोगों को जीवन में संतोष नहीं मिलता है । अगर हम अपने जीवन को बांटे तो इसके कई भाग हो सकते है । 1. छात्र जीवन 2. पारिवारिक जीवन3. ऑफिस का जीवन 4. जिम्मेदारियां5. बुढ़ापा/रिटायरमेंट

1. छात्र जीवन :- जब आप छात्र जीवन में होते है तो आपको अपनी योग्यता पर ध्यान देना चाहिए ना की अच्छे रिजल्ट को तरफ भागे मेरा कहना ये है अपने अंदर स्किल लाए तब ही आप कुछ कर पाएंगे। खाली डिग्री से कुछ नहीं होता है ।इसके उलट काम आना भी चाहिए ।अगर आप कला या विज्ञान का विषय चुनना चाहते है। तो किसी के कहने सा किसी की इच्छा अनुसार ना पढ़ाई के विषय चुने खुद के इच्छा अनुसार विषय का चुनाव करें ।और सोचे समझे आप किस विषय में पढ़ाई करना चाहते है। और क्या बनना या करना चाहते है।अपने लक्ष्य निर्धारित करे उसकी और अग्रसर निरंतर प्रयासरत रहे।2.पारिवारिक जीवन:- सभी भाई बंधुओ माता पिता पत्नी बच्चो को उचित समय दे रिस्तेदारो से मैत्री पूर्ण व्यवहार रखें। सभी को साथ ले कर चले। कोशिश करे अहंकार वश ना कुछ ग़लत करे।3. आफिस जीवन:- सही नौकरी का चुनाव करें।हमेशा कुछ ना कुछ करते रहे। आफिस का दबाव घर ना लाए। अपनी एक अच्छी इमेज बना कर रखे । चाहे सरकारी गैर सरकारी नौकरी करे ।अपना एक अच्छा रुतबा अपने काम में दिखाए काम में हमेशा इमानदार रहे।4.जिम्मेदारियां:- अपनी सारी जिम्मेदारियां लिख कर रखे। वक़्त पर सबको पूरा करे। बच्चो की शादी बच्चो की पढ़ाई । बचत हर विषय पर ध्यान दे। अपना एक उचित गोल स्वीकार करके निर्धारण करे तब ही उचित लाभ होगा।5. बुढ़ापा/रिटायरमेंट:- अगर आप रिटायर होने के बाद क्या जीवन में करना है कैसे आगे उसको संभालना है उसके बारे में पहले ही सोच कर उचित निर्णय ले। डरने की जरूरत नहीं होती है बस सोच कर विचार कर लाभ के अनुरूप ही जीवन के लक्ष्य को निर्धारित करे।